एचएमटी में नया उद्योग लगाने की मांग-सेब मंडी से कोई लाभ नही

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एचएमटी बचाओ धरना 3 को : विजय बंसल
एचएमटी में नया उद्योग लगाने की मांग-सेब मंडी से कोई लाभ नही
संदीप सैनी, पंचकुला
हरियाणा किसान कांग्रेस के प्रदेशउपाध्यक्ष व पूर्व चेयरमैन हरियाणा सरकार विजय बंसल ने पत्रकार गोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि एचएमटी बचाओ संघर्ष समिति कल,3 जुलाई को एचएमटी गेट के बाहर धरना देकर भाजपा सरकार द्वारा एचएमटी को बंद करने के विरोध में व इस औद्योगिक प्लांट पर निजी लोगो को फायदा पहुंचाने की नजर से प्रस्तावित सेब मार्किट बनाने के विरोध में तथा उद्योग लगाने की मांग को लेकर धरना देगी।विजय बसंल के नेतृत्व में इससे पूर्व भी हजारो की संख्या में एचएमटी पिंजोर से चंडीगढ़ तक पदयात्रा निकाल कर सरकार के विरुद्ध रोष व्यक्त किया था।एचएमटी बचाओ संघर्ष समिति का गठन 2016 में किया गया था।गौरतलब है कि विजय बंसल ने सभी दलों के नेताओ को राजनीतिक स्वार्थो से उठकर क्षेत्र को बचाने के लिए व सरकार के विरुद्ध इस धरने में पहुंचने के लिए निमंत्रण दिया है।विजय बंसल ने बताया है कि इस धरने में कांग्रेस,इनेलो,बसपा समेत अनेक विपक्षी दलों के नेताओ की आने की संभावना है।विजय बंसल के नेतृत्व में 3 जुलाई को एचएमटी बचाओ धरना एचएमटी के बस स्टैंड पर प्रातः 9.30 बजे होगा जहा हजारो की तादाद में स्थानीय निवासी व एचएमटी के कमर्चारी व सेवानिवृत कर्मचारी पहुंचेगे।विजय बंसल ने कहा कि एचएमटी इस क्षेत्र की जीवनरेखा है, और इसे बचाने के लिए सभी को एक मंच कर आकर लड़ाई लड़नी होगी तथा सरकार की जनविरोधीनीतियों के विरुद्ध इस लड़ाई में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेना होगा।विजय बंसल ने स्थानीय निवासियों से आह्वान किया है कि एचएमटी बचाओ धरना में हजारो की तादाद में पहुंच कर सरकार को अपनी एकता का परिचय दे।सरकार द्वारा एचएमटी की जगह पर सेब मंडी लगाने का प्रस्ताव हुआ है, जबकि इस क्षेत्र में सेब की पैदावार ही नही है और यहाँ के किसानो – नोजवानो व स्थानीय निवासियों को इस सेब मंडी से कोई फायदा नही होने वाला जबकि सरकार को यहां कोई बड़ा उद्योग लगाना चाहिए या एचएमटी को पुनः शुरू करके जनहित में कार्य करना चाहिए।एचएमटी बचाओ संघर्ष समिति के संरक्षक विजय बंसल ने कहा कि एचएमटी ट्रेक्टर प्लांट को बिना किसी भविष्य योजना के अकटुबर 2016 में बन्द करने से लाखों का रोजगार खत्म हुआ है जबकि सरकार की जनविरोधी नीतियों के चलते मशीन टूल्स भी बन्द होने के कगार पर है।अब सरकार की मंशा जाहिर है जिसके विरोध में विजय बंसल के साथ हर स्थानीय निवासी,नेता,कार्यकर्ता व कर्मचारी कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।विजय बसंल ने यह भी बताया कि दक्षिण भारत मे 4 व उत्तर भारत में 2 मशीन टूल्स यूनिट है, 2015-16 में एचएमटी प्रबंधन समिति द्वारा एचएमटी पिंजोर यूनिट को सबसे ज्यादा प्रॉफिट में होने के बाद भी सबसे कम वर्क केपिटल देकर भेदभाव किया गया।
विजय बंसल ने बताया कि 1962 में संयुक्त पंजाब राज्य सरकार ने एचएमटी के लिए 4062 बीघा 18 बिस्वे , 20 लाख 33 हजार 422 रुपये में अधिग्रहण करी थी परन्तु एचएमटी कम्पनी को निःशुल्क दान दी थी जिसकी गिफ्ट डीड 25 अगस्त 1962 को की गई थी, जिसमे शर्त साफ व सीधी थी कि यह सारी भूमि मशीनों के निर्माण के लिए प्रयोग की जाएगी ,यदि कोई अन्य उद्योग लगाना है तो भारत सरकार की अनुमति लेना अनिवार्य है।एचएमटी कम्पनी राज्य सरकार की अनुमति के बिना इस जमीन को न तो दान कर सकती है-न बेच सकती है-न मोर्टगेज कर सकती है व न ही किसी अन्य तरीके से किसी को ट्रांसफर कर सकती है।एचएमटी की इस तीसरी मशीन टूल्स इकाई का उद्घाटन 23 अकटुबर 1963 को तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने किया था,1971 में ट्रैक्टर प्लांट शुरू किया था,मशीन टूल्स के कारण तकनीकी क्षेत्र में विश्व प्रसिद्ध होकर हरित क्रांति में एहम भूमिका निभाई थी।एचएमटी की फैक्ट्री व कालोनी समेत 400 एकड़ में है , 446 एकड़ पिछले 55 साल से खाली है।7 फरवरी 2005 को हरियाणा उद्योग विभाग के वित्त आयुक्त ने चेयरमेन व एमडी एचएमटी प्रबंधन को पत्र लिखकर कहा कि राज्य सरकार ने यह जमीन उद्योग लगाने के उद्देश्य से दी थी,परन्तु 446 एकड़ पर एचएमटी द्वारा कोई उद्योग नही लगाया गया,इस जमीन को हरियाणा सरकार को सौपा जाए, सरकार ने एसडीएम कालका को पोसेशन लेने के आदेश भी दे दिए थे परन्तु एचएमटी इस आदेश के खिलाफ पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में चली गई Jजोकि अभी तक विचाराधीन है।श्री आनन्द गीते ,केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री भारत सरकार ने 15 दिसम्बर 2015 को मुख्यमंत्री हरियाणा को पत्र लिखकर प्रस्ताव भेजा कि एचएमटी की 846 एकड़ जमीन को हरियाणा सरकार सर्कल रेट के आधार पर खरीद कर , कर्मचारियों के पेंडिंग ड्यूस की क्षतिपूर्ति करे जबकि इस जमीन का असली मालिक हरियाणा सरकार है।
बंसल ने कहा कि सेब मंडी को पंचकूला से एचएमटी पिंजोर शिफ्ट करने से किसानों,युवाओ,स्थानीय निवासियों व सरकार को किसी प्रकार से कोई लाभ नही होगा क्योंकि कुछ वर्ष पूर्व हरियाणा कृषि विपणन बोर्ड ने अनाज मंडी पंचकूला में करोड़ो रूपये खर्च करके सेब मंडी का निर्माण किया था ,जिसमे 44 दुकाने व एके कोलड़ स्टोर का निर्माण किया गया था व 44 दुकानों में से 13 दुकाने बोली पर बिकी थी जिसमे से 13 खरीददारों ने पैसे जमा नही कराए जिससे दुकाने रेसयुम होगई।विजय बंसल ने बताया कि सूत्रों के अनुसार सभी दुकानो व कोल्ड स्टोर को किराए पर दिया गया है जबकि कोल्ड स्टोर का काफी समय से किराया भी नही आ रहा। प्रत्येक दुकान के सामने फड़ का निर्माण किया गया था परन्तु अब बोर्ड द्वारा लाखो रुपये खर्च करके कॉमन फड़ का निर्माण कर रहा है जोकि व्यर्थ है।हरियाणा में सेब पर कोई मार्किट फीस नही है जिस कारण सेब मंडी के कारोबार से हरियाणा सरकार को कोई राजस्व प्राप्त नही होता।विजय बंसल ने कहा कि हरियाणा के किसान सेब का उत्पादन नही करते ।पंचकूला से एचएमटी में सेब मंडी को शिफ्ट करने का कारण धूल व प्रदूषण बताया जा रहा है जबकि एचएमटी राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित है व चारो ओर आबादी है व हुड्डा के सेक्टर बन रहे है व एक ओर डीएलएफ तथा अमरावती स्थित है । एचएमटी में 100 एकड़ भूमि को 60 लाख प्रति एकड़ लेने का प्रस्ताव है व इस पर 60 करोड़ का खर्चा जमीन पर व अन्य का करोड़ो रूपये का खर्च आएगा जबकि सरकार कोई राजस्व नही प्राप्त नही होगा व स्थानीय किसानों,नोजवानो व निवासियों को भी कोई लाभ नही होगा।विजय बंसल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी सरकार की इस जनविरोधी फैसला का विरोध करती है व सरकार स्व मांग करती है कि सरकार इस जमीन पर कोई बड़ा उद्योग लगाने का काम करे, एचएमटी को पुनः शुरू करे या रक्षा मंत्रालय द्वारा कोई बड़ा उद्योग लगाए जाए जिससे सरकार को राजस्व प्राप्त हो व कोई बड़ा उद्योग लगाकर युवाओ को रोजगार प्राप्त हो तथा क्षेत्र में विकास हो।एचएमटी बचाओ संघर्ष समिति जे संरक्षक विजय बसंल ने कहा कि यदि सरकार द्वारा कोई बड़ा उद्योग नही लगाया तो पहले की भांति बड़ा आंदोलन किया जाएगा ।बंसल ने कहा कि केंद्र में हरियाणा से सम्बन्ध रखने वाले 6 मंत्री है, विधायक व सांसद भाजपा की है उसके बावजूद सरकार द्वारा इस क्षेत्र से भेदभावपूर्ण रवैया किया जा रहा है जबकि औरंगाबाद में 2000 में एचएमटी फेक्ट्री बन्द करने के आदेश दिए थे परन्तु मजबूत नेतृत्व होने की वजह से आज भी फेक्ट्री चल रही है।विजय बंसल ने कहा कि सरकार द्वारा एचएमटी की इस जमीन को खुर्द बुर्द न किया जाए।कुछ अधिकारी व नेता निजी स्वार्थों के लिए जनता के हितों से खिलवाड़ न करे ।इसी तरह 1997 में केंद्र की भाजपा व प्रदेश की हविपा भाजपा गठबंधन सरकार ने बीसीडब्ल्यू एसीसी प्लांट को बंद कर दिया था और निजी कम्पनी को रिहायशी इलाका बनाने के लिए सौपा था जबकि विजय बंसल के विरोध के बाद इसे केवल इंडस्ट्रियल प्लांट रखा गया।
प्रेस वार्ता में दीपांशु बंसल एनएसयूआई प्रदेश मीडिया प्रभारी,नरेश मान पूर्व पार्षद , रामबीर,समय सिंह, कृष्ण अली आदि मौजूद रहे

पूरे शहर में सभी वार्डों में समान रूप से विकास करवाया जा रहा है। उप चेयरपर्सन व पार्षदों के आरोप निराधर हैं। पार्षद झूठ की राजनीति कर रहे हैं। जो पार्षद पक्षपात का आरोप लगा रहे हैं उन्हें यह ही नहीं पता दो साल में उनके वार्डों में कितने विकासकार्य हुए हैं। नप कार्यालय में भ्रष्टाचार को किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निष्पक्षता से काम करवाया जा रहा है।
-रजनी विरमानी, चेयरपर्सन, नगर परिषद गोहाना


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