हरियाणा सरकार ने पराली और फसलों के अवशेषों से इथेनॉल बनाने के लिए प्लांट को दी मंजूरी

चंडीगढ़, 28 दिसंबर : रामचंद्र लठवाल– हरियाणा सरकार ने पराली और फसलों के अवशेषों से इथेनॉल बनाने के लिए प्लांट को दी मंजूरी।
हरियाणा सरकार ने राज्य में धान की पराली तथा अन्य फसलों के अवशेषों से इथेनॉल बनाने के लिए पानीपत जिला में एक प्लांट लगाने को मंजूरी प्रदान कर दी है। सरकार के इस कदम से जहां प्रदूषण में कमी आएगी वहीं किसानों को फसलों के अवशेषों की बिक्री होने से मुनाफा भी होगा। यह निर्णय गुरुवार को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई हरियाणा इंटरप्राइज प्रमोशन बोर्ड की बैठक में लिया गया। इस निर्णय से जहां प्रदेश में बिजनेस को बढ़ावा मिलेगा वहीं प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से हरियाणा में रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। बैठक में पानीपत के उपायुक्त ने बताया कि उक्त प्लांट के लिए भारतीय तेल निगम लिमिटेड (आईओसीएल) को पानीपत जिला के गांव बाओली की पंचायत मौजूदा बाजार दर पर अपनी पंचायती भूमि देने के लिए तैयार है जिसकी मुख्यमंत्री ने मंजूरी दे दी। यह कंपनी फसल के अवशेषों और अन्य बायोमास का उपयोग करके दूसरी पीढ़ी के इथनॉल का उत्पादन शुरू करना चाहती है। प्रस्तावित प्लांट की क्षमता प्रति दिन 100 किलो इथनोल होगी। इस कंपनी ने 2 लाख टन चावल का भूसा यानि पराली को कच्चा माल के रूप में खरीद करने का प्रस्ताव किया है, जो कि 4 जिलों करनाल, पानीपत, सोनीपत और कुरुक्षेत्र का एक सीजन का कुल उत्पादन है। अभी तक ज्यादातर किसान इस पराली को जलाते रहे हैं जिससे प्रदूषण फैलता है। इस प्लांट के लगने से राज्य में प्रदूषण उत्सर्जन को काफी हद तक कम करने में मदद मिलेगी। बैठक में कंपनी के अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि धान की पराली को सीजन में जल्द से जल्द एकत्रित करने के लिए बुनियादी ढ़ांचा तैयार किया जाएगा ताकि किसानों को अगले सीजन के लिए अपनी फसल की बुवाई करने में देरी न हो।



(Visited 51 times, 1 visits today)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!