संसद में ट्रैक्टर लेकर पहुंचे दुष्यंत तो पूरे देश में चर्चित हो गए…

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संसद में ट्रैक्टर लेकर पहुंचे दुष्यंत तो पूरे देश में चर्चित हो गए…
संसद में ट्रैक्टर का पहिया घूमा तो किसानों के दिल में छा गए दुष्यंत
ट्रैक्टर के संसद की दहलीज लांघते ही देशवासियों की जुबां पर आ गए दुष्यंत

हिसार/चंडीगढ़, 18 अप्रैल। सौलह दिसंबर 2017 को जब ट्रैक्टर पर सवार होकर सांसद दुष्यंत चौटाला ने संसद की दहलीज लांघी थी तो वे देश भर के किसानों के दिलों पर छा गए थे। छाए भी क्यों न दुष्यंत ने किसानों की आजीविका का मुख्य स्त्रोत खेती में काम आने वाले ट्रैक्टर को कामर्शियल वाहन घोषित करने वाले काले कानून से मुक्ति दिला दी थी।
लोकतंत्र के इतिहास में पहला मौका था जब लुटियसं जोन स्थित संसद भवन में ट्रैक्टर का पहिया पहली बार घूमा हो। दरअसल सांसद दुष्यंत चौटाला केंद्र सरकार द्वारा ट्रैक्टर को वाणिज्यिक वाहन की श्रेणी शामिल करने के विरोध में ट्रैक्टर पर सवार होकर विरोध स्वरूप लोकसभा की कार्यवाही में भाग लेने पहुंचे थे। दुष्यंत के इस साहसिक एवं किसान हितैषी कदम से न केवल हरियाणा के बल्कि देश भर के किसान खुशी से झूम उठे थे। संसद में ट्रैक्टर ले जाना इतना आसान नहीं था। दुष्यंत ने ट्रैक्टर को कार्मिशयल वाहन की श्रेणी से बाहर निकालने की जिद्द पर अड़े रहे और संसद भवन के बाहर दो घंटे तक संघर्ष करते रहे। जब दुष्यंत किसानों की मांग पर अड़े रहे तो संसद भवन के सुरक्षा कर्मियों को भी पीछे हटना पड़ा और लंबी जद्दोजहद के बाद देश का सबसे युवा सांसद ट्रैक्टर लेकर संसद में जा पहुंचा। किसान का कमाऊ पुत्र माना जाने वाला ट्रैक्टर जब संसद में पहुंचा तो देश भर के किसानों की आंखों के तारे बन गए दुष्यंत।

…हरियाणा के नंबर वन सांसद का तगमा मिला है दुष्यंत को
संसदीय इतिहास के सबसे युवा सांसद ने 689 सवाल पूछ कर बनाया रिकार्ड
हिसार की जनता ने पांच वर्ष पहले जिस उम्मीद के साथ दुष्यंत चौटाला को चुन कर देश की लोकसभा में भेजा था, उस उम्मीद को दुष्यंत ने कायम रखा और वे जनता के सवालों और मुद्दे लोकसभा में उठाने की कसौटी पर खरे उतरे। भारत के संसदीय इतिहास में अब तक के सबसे युवा सांसद दुष्यंत ने न केवल प्रदेश के किसी भी सांसद से सर्वाधिक सवाल लोकसभा में पूछ कर एक रिकार्ड कायम किया बल्कि उन्होंने सदन में विभिन्न मुद्दों पर की गई चर्चाओं में सर्वाधिक भाग लेकर जनता की आवाज को बूलंद किया। पांच वर्ष के लोकसभा के आंकड़ों पर गौर करें तो सांसद दुष्यंत चौटाला 16 वीं लोकसभा में अव्वल साबित हुए। उनका प्रदर्शन बतौर सांसद प्रदेश के अन्य सांसदों में न केवल सर्वश्रेष्ठ रहा बल्कि हर क्षेत्र में वे सब पर भारी पड़े। इतना ही नहीं हिसार लोकसभा के इतिहास में भी सांसद दुष्यंत चौटाला अब तक सर्वाधिक सवाल पूछने व आवाज उठाने वाले सांसद साबित हुए हैं। इतनी बड़ी संख्या में आज तक किसी भी हिसार के सांसद ने न तो सवाल पूछे और न ही डिबेट में हिस्सा लिया।
16 वीं लोकसभा में यह पहला मौका था जब हिसार लोकसभा का नाम प्रदेश के किसी भी अन्य संसदीय क्षेत्र की तुलना में सर्वाधिक सदन में गूंजा हो। 16 वीं लोकसभा का पहला सत्र 1 जून 2014 को शुरू हुआ था और लोकसभा सत्र का अंतिम दिन 13 फरवरी 2019 था।
इस दौरान लोकसभा के सत्रों में सांसद दुष्यंत चौटाला ने सबसे ज्यादा 689 सवाल पूछे जबकि प्रदेश के भाजपा व कांग्रेस का अन्य कोई सांसद इस आंकड़े के आसपास भी नजर नहीं आया। दुष्यंत चौटाला ने 22 प्राईवेट मैंबर बिल लोकसभा में पेश किए जबकि प्रदेश के अन्य नौ सांसद केवल पांच प्राइवेट मैंबर बिल ही प्रस्तुत कर पाए। दुष्यंत चौटाला ने सर्वाधिक 247 डिबेट्स में हिस्सा लिया जबकि प्रदेश से चुन कर गया अन्य कोई भी लोक सभा प्रतिनिधि दुष्यंत के मुकाबले आधी संख्या में भी डिबेट्स में नहीं बोला।

हिसार की जनता ने लोकतंत्र के इतिहास का सबसे युवा सांसद चुना था
हिसार संसदीय क्षेत्र से विजयी हुए दुष्यंत चौटाला 16 वीं लोकसभा में निर्वाचित होने वाले सबसे कम उम्र के सांसद थे। दुष्यंत चौटाला ने वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में हजकां-भाजपा के संयुक्त प्रत्याशी कुलदीप बिश्रोई को हराया था। हिसार की जनता ने 26 वर्ष से कम आयु में दुष्यंत को अपना प्रतिनिधि चुन कर भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में सबसे युवा सांसद चुनने का गौरव का हासिल किया था।
दुष्यंत चौटाला का जन्म हिसार के महावीर स्टेडियम के पास शर्मा नर्सिंग होम, प्रेमनगर में दिनांक 3 अप्रैल 1988 को हुआ। उन्होंने हिसार के सेंट मैरी स्कूल से अपनी शिक्षा प्रारंभ की। इसके बाद दुष्यंत चौटाला ने सिरसा के सेंट जेवियर हाई स्कूल से चौथी श्रेणी की परीक्षा उत्तीर्ण की। उन्होंने दसवीं तथा बारहवीं की परीक्षा लॉरेंस स्कूल, सनावर हिमाचल प्रदेश से पास की। उन्होंने पढ़ाई के साथ साथ खेलों में हिस्सा लिया और बाक्सिंग में गोल्ड मेडल जीता। इसके अलावा उन्होंने स्कूल की बॉस्केटबॉल टीम की कप्तानी भी की। लॉरेंस स्कूल की ही हॉकी टीम के गोलकीपर भी दुष्यंत चौटाला ही थे। दुष्यंत चौटाला वर्तमान में भारतीय टेबल टेनिस फेडरेशन के अध्यक्ष, साउथ ऐशियन टेबल टेनिस संघ व कॉमनवेल्थ टेबल टेनिस महासंघ के अध्यक्ष हैं। सबसे कम उम्र में टेबल टेनिस महासंघ के अध्यक्ष बनने वाले भी दुष्यंत पहले व्यक्ति हैं।
10+2 की परीक्षा पास करने के बाद उच्च शिक्षा के लिए दुष्यंत चौटाला विदेश चले गए। वहां उन्होंने कैलीफोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी में बैचलर ऑफ साईंस इन बिजनेस एडमिनिस्टे्रशन में दाखिला लिया तथा बैचलर की डिग्री प्राप्त की। सक्रिय राजनीति में आने के बाद भी दुष्यंत चौटाला ने उच्च शिक्षा जारी रखी और गुजवि से पत्रकारिता में स्तातकोत्तर की पढ़ाई की। 18 अप्रैल 2017 को दुष्यंत चौटाला मेघना संग परिणय सूत्र में बंधे। दुष्यंत चौटाला कलाप्रेमी हैं तथा उन्हें पेंटिंग का बेहद शौक है।

–खेती से खास जुड़ाव है दुष्यंत चौटाला-मूलत: कृषि परिवार से संबंध रखने वाले दुष्यंत चौटाला की खेती-बाड़ी में खासी रूचि है। दुष्यंत के परदादा स्व. चौ. देवीलाल किसान नेता के रूप ताउम्र राजनीति की। दुष्यंत हर सप्ताह स्वयं गांव चौटाला में अपने खेतों में जाते हैं और फसल बाड़ी को संभालते हैं। यही कारण है कि वह किसानों के दुख: दर्द और उनकी समस्याओं से बखूबी समझते हैं और किसानों के हितों से जुड़े मुद्दे उठाने का कोई मौका नहीं छोड़ा।


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