बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की बर्बाद हुई फसलों को लेकर जेजेपी ने की मांग

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बारिश और ओलावृष्टि सेकिसानों की बर्बाद हुई फसलों को लेकर जेजेपी ने की मांग
सरकार तुरंत स्पेशल गिरदावरी करवाकर किसानों को मुआवजा दें- निशान सिंह
17 अप्रैल, चंडीगढ़। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हो रही बारिश किसानों के लिए आफत बनकर आई है। तेज तूफान के साथ बारिश और ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसलों पर जननायक जनता पार्टी ने चिंता जाहिर करते हुए किसानों को तुरंत मुआवजे देने की मांग उठाई हैं। पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष सरदार निशान सिंह ने कहा कि सिरसा, फतेहाबाद समेत प्रदेश के कई इलाकों में हो रही तेज आंधी के साथ भारी बारिश और ओलावृष्टि के कारण किसानों की रबी फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार नुकसान हुई फसल की तुरंत भरपाई करे ताकि कुदरत की इस मार से किसान उबर पाएं।
प्रदेशाध्यक्ष सरदार निशान सिंह ने कहा कि बीते दो दिनों से खराब मौसम के चलते किसानों की परेशानी बढ़ी हुई थी। लेकिन आज जिस तरह से कई जगहों पर तेज बारिश व ओलावृष्टि से गेहूं, सरसों तथा अन्य फसलों को 90 प्रतिशत से अधिक का नुकसान पहुंचा उससे किसानों की आफत और बढ़ गई है। उन्होंने किसानों की खराब हुई फसल पर चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से बर्बाद हुई फसलों की तुरंत गिरदावरी करवाकर किसानों को उचित मुआवजे देने की मांग की है। साथ ही उन्होंने सरकार से बारिश के मौसम के चलते प्रदेश की मंडियों में तुरंत उचित इंतजाम करने की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि यह समय गेहूं की कटाई का होता है, लेकिन बारिश और ओलावृष्टि से कटी फसल खेतों में बर्बाद हो गई। वहीं खड़ी फसल मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि से जमीन पर गिर गई। ऐसे समय मे कुदरत की यह मार किसानों के लिए बिल्कुल ही असहनीय है, जिसे दूर करने के लिए सरकार द्वारा प्रभावी कदम तुरंत उठाए जाने की जरुरत है।
वहीं जेजेपी के किसान प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष राजकुमार रिढ़ाऊ ने किसानों के प्रति सहानुभूति प्रकट करते हुए कहा कि पहले तो मंडी में सरसों की फसल की खरीद नहीं होने से किसानों को परेशानी भरे दौर से गुजरना पड़ा लेकिन अब कुदरत की दोहरी मार ने किसानों की कमर तोड़ कर रख दी है। उन्होंने कहा कि इस दोहरी मार से किसानों को उभारने के लिए सरकार जल्द से जल्द खराब हुई फसल की गिरदावरी करवाकर पीड़ित किसानों को 25 से 30 हजार रुपए प्रति एकड़ का मुआवजा दें ताकि किसानों को थोड़ी राहत मिल सके। साथ ही उन्होंने कहा कि जितना नुकसान किसान की फसल का खेत में हुआ है उतना ही नुकसान आढ़तियों का भी हुआ है जिसकी मार किसान के साथ-साथ व्यापारी को भी झेलनी पड़ेगी।


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