दिल्ली विधानसभा में सफीदों को लगातार दूसरी बार मिला प्रतिनिधि

दिल्ली विधानसभा में सफीदों को लगातार दूसरी बार मिला प्रतिनिधि
सफीदों के बाशिंदे रामनिवास गोयल शाहदरा सीट से दूसरी बार जीते
पिछले कार्यकाल में रामनिवास गोयल रह चुके हैं दिल्ली विधानसभा स्पीकर
अग्रवाल वैश्य समाज व परिवार के लोगों ने लड्डू बांटकर मनाई खुशी

अभिषेक दीवान सफीदों (जींद)

दिल्ली में हुए विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने बंफर जीत हासिल करते हुए कुल 70 सीटों में से 63 सीटों पर कब्जा किया है। इस बंफर जीत में शाहदरा सीट पर जीत ऐसी है जिससे सफीदों विधानसभा क्षेत्र के लोगों की खुशी भी जुड़ी है और यूं कहे कि सफीदों को भी दिल्ली सरकार में लगातार दूसरी बार प्रतिनिधित्व मिला है तो भी कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। बता दें कि सफीदों के पुराने बासिंदें रहे रामनिवास गोयल ने दिल्ली की शाहदरा सीट पर भाजपा के अपने प्रतिद्वधि उम्मीदवार को करीब 7500 वोटों से परास्त किया है। रामनिवास गोयल की इस जीत पर अग्रवाल वैश्य समाज सफीदों व उनके परिवार के लोगों ने लड्डू बांटकर व पटाखे छुड़ाकर खुशी का इजहार किया। इस खुशी के मौके पर प्रमुख रूप से अग्रवाल वैश्य समाज के अध्यक्ष प्रवीन मित्तल, आम्त्मा राम गोयल, सतनारायण गोयल, हुकम चंद गोयल, अरूण गोयल, वरूण गोयल, जगजीत सिंह, दीपक गोयल, रामनिवास गर्ग, अशोक गोयल, राजेश मित्तल, अमित गर्ग, अनिल राणा व नरेश जैन सङ्क्षहत काफी तादाद में लोग मौजूद थे। बता दें कि रामनिवास गोयल पिछले कार्यकाल में दिल्ली विधानसभा के स्पीकर थे। सीएम अरविंद केजरीवाल ने उन पर फिर से विश्वास जताते हुए शाहदरा से उनको फिर से टिकट प्रदान किया तथा रामनिवास गोयल ने भारी मतों से जीत हासिल की। गौरतलब है कि रामनिवास गोयल का परिवार सन् 1964 तक सफीदों में रहा और उसके बाद यहां से दिल्ली चला गया था। रामनिवास गोयल के पिता स्वर्गीय चतुर्भुज गोयल सफीदों अनाज मंडी में उस समय आढ़त का व्यवसाय करते थे। उस वक्त रामनिवास गोयल सफीदों के राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 10वीं कक्षा में पढ़ते थे। होनहार विद्यार्थी होने के साथ-साथ रामनिवास गोयल राजनीति में भी थोड़ी-थोड़ी रुचि रखते थे। सफीदों से दिल्ली जाने के बाद उन्होंने अपने माता-पिता के साथ दिल्ली में कारोबार साबित कर लिया और वहां की राजनीति में थोड़ा-थोड़ा हिस्सा लेने लगे थे। उन्होंने अपनी राजनीति की शुरुआत संघ और भाजपा से की थी। एमरजेंसी के दौरान उन्होंने 18 महीने की जेल भी काटी थी। पढ़ाई पूरी होने के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में हिस्सा लिया और सन् 1993 में भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा और विजयी रहे। उसके उपरांत वे सन् 1998 तक दिल्ली विधानसभा में विधायक रहे और लगातार राजनीति में बने रहे। किन्ही मनमुटावों के बीच वर्ष 2005 के विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा को अलविदा कह दिया था। रामनिवास गोयल का राजनीति में इतना बड़ा कद था कि आम आदमी पार्टी के सुप्रीमों अरविंद केजरीवाल ने स्वयं उनके निवास पर जाकर उनको पार्टी में शामिल किया था। पार्टी ने उनकी कर्मठता के को देखते हुए वर्ष 2005 व 2020 के विधानसभा चुनाव में शाहदरा विधानसभा क्षेत्र से उन्हे टिकट दिया और दोनों ही बार विजयी श्री उनके हिस्से में आई। रामनिवास गोयल की जीत पर सफीदों के लोगों ने खुशी प्रकट करते दिल्ली के सीएम व पार्टी सुप्रीमों अरविंद
केजरीवाल का धन्यवाद व्यक्त किया है।
फोटो कैप्शन 2.: रामनिवास गोयल की जीत की खुशी मनाते हुए लोग।
फोटो कैप्शन 3.: शाहदरा से विजयी रहे रामनिवास गोयल का फोटो।

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