तो टूट गई इनेलो II अजय का डंडा अभय का झंडा #INLD

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इनेलो में मचे घमासान का आ अंत हो गया। लेकिन अंत बहुत दुखदायी था। कहीं ना कहीं दोनों भाई दो बेटों के लिए आज एकदुसरे से दूर हो गए। एक तरफ जहां जींद में अजय चौटाला ने हुंकार भरी और कहा कि हां मेरा भाई दुर्योधन है और अब बिल्लू अपना झंडा और चश्मा सम्भाले हम तो चले नए रास्ते। अपने भाषण में अजय चौटाला ने दुष्यंत चौटाला को जनता को सौंपने का काम किया। बार-बार अभय पर कटाक्ष कर रहे अजय ने कहा कि इनेलो का विनाश करने वाले आज चंड़ीगढ़ में मौजूद है पर असली लोकदल जींद में है। रैली के तुंरत बाद अभय चौटाला भी पत्रकारों से रूबरू हुए और भाई से अलग होने का दर्द उनके चेहरे पर साफ देखा जा सकता था लेकिन उन्होंने कहा कि आज इनेलो पाक साफ हो गई है। षडयंत्र कारियों के चेहरे आज बेनकाब हो गए है। गोहाना रैली में इन हुड़दंग बाजियों ने ना मुझे बोलने दिया, ना अशोक अरोड़ा को और ना ही उस दिन के हमारे मेहमान गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री शंकर सिंह वाघेला को। लेकिन हद जब हो गई जब इन हुड़दंगियों ने इनेलो सुप्रीमों औमप्रकाश चौटाला को भी नही बख्शा। ऐसी स्थित में कोई क्या करे। घर आए मेहमान की बेज्जती हुई। अभय ने इनेलो के पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता डा. केसी बांगड़ पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वो कहते है ओमप्रकाश चौटाला युग का अंत हो गया है अगर ऐसा कोई बोलता है तो मैं उसका कान खींचकर बाहर निकालने का काम करता। ओमप्रकाश चौटाला युग का अंत कभी नही हो सकता। कोई आपके परिवार के बारे में गलत बोलता है तो दुख होता है। मेरे भाई ने जो शबध मेरे लिए प्रयोग किए वो बहुत दुखदायी थे। दादा पौते में ऐसा क्या हो गया कि पौते दादा के सामने माफी भी ना मांग सके। उन्हें उम्मीद थी कि अजय बाहर आएंगे तो उन्हें समझाएंगे और उनकी गलती का एहसास कराएंगे लेकिन वो भ पुत्र मोह में फंस कर उनकी भाषा बाेलने लगे। प्रैस वार्ता में अशोक अरोड़ा ने कहा कि दोनों भाईयों में समझाैता लगभग हो चुका था। दुष्ष्यंत की सारी बातें मान ली गई थी लेकिन जिस तरह से सीएम के नारे हावी थी तो दुष्यंत और दिगविजय ने इसे पूरा नही होना दिया जिसकी वजह से जींद में कार्यक्रम कर आज वो हमसे अलग हुए।


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