कानून के क्षेत्र में धैर्य, कड़ी मेहनत और जुनून के साथ पेशे में नियमितता कॅरियर के ग्राफ को नई ऊंचाईयां प्रदान करती है।

Watch Like & Subscribe the k9media Youtube channel

रोहतक, 15 अप्रैल। कानून के क्षेत्र में धैर्य, कड़ी मेहनत और जुनून के साथ पेशे में नियमितता कॅरियर के ग्राफ को नई ऊंचाईयां प्रदान करती है। यह उद्गार दिल्ली उच्च न्यायायल के न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैथ ने महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के सेंटर फॉर प्रोफेशनल एंड एलाइड स्टडीज (सीपीएएस), गुरूग्राम द्वारा आयोजित राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता के समापन सत्र में बतौर मुख्य अतिथि व्यक्त किये।
मुख्यातिथि न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैथ ने इस मूट कोर्ट प्रतियोगिता के आयोजन के लिए सीपीएएस को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मूट कोर्ट प्रतियोगिता से विश्लेषणात्मक, बहस और पेशेवर कौशल को बढ़ाने में मदद मिलती है जिससे समग्र वकालत कौशल को बढ़ावा मिलता है। मुख्यातिथि सुरेश कुमार कैथ, कुलपति प्रो. राजबीर सिंह व अन्य विशिष्ट अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर समापन सत्र का शुभारंभ किया तथा डा. भीमराव अम्बेडकर की 138वी जयंती पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धाजंलि दी।
एमडीयू कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने समापन समारोह की अध्यक्षता की। कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि वकालत का पेशा एक व्यवस्थित तरीके से लोगों का प्रतिनिधित्व करने का अवसर प्रदान करता है, जिसमें वकील कानूनी क्षेत्र के सर्जन बने रहते हैं। उन्होंने कहा कि व्यवसाय और सेवा के प्रत्येक क्षेत्र में प्रशिक्षित और कुशल वकील चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस मूट कोर्ट प्रतियोगिता से प्रतिभागी छात्रों एवं विधि छात्रों को भविष्य के लिए ग्राहकों और न्यायाधीशों का सामना करने के लिए मानसिक रूप से तैयार करने में मदद मिलेगी।
एमडीयू की प्रथम महिला डा. शरणजीत कौर तथा दिल्ली हाई कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता सरोज बाला ने समापन सत्र में बतौर विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद रही। सीपीएएस की निदेशिका प्रो. संतोष नांदल ने स्वागत भाषण देते हुए मूट कोर्ट प्रतियोगिता के बारे में जानकारी दी। प्रो. संतोष नांदल नेबताया कि इस प्रतियोगिता में देशभर से 40 से अधिक विधि विभागों के विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता में देश के प्रतिष्ठित न्यायधीशों एवं अधिवक्ताओं ने शिरकत की।
इस तीन दिवसीय राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता के संयोजक डा. गजेंदर चौहान ने बताया दिल्ली मेट्रोपॉलिटन एजुकेशन, नॉएडा की टीम को विजेता के रूप में चुना गया और पेट्रोलियम और ऊर्जा अध्ययन विश्वविद्यालय, देहरादून की टीम को उपविजेता घोषित किया गया। अंजना कामेश्वरी (जी डी गोयनका विश्वविद्यालय गुरुग्राम) को प्रतियोगिता का श्रेष्ठ मूटर, अनुज पचेरीवाल (जी एच राइसोनी लॉ स्कूल, नागपुर) को सबसे अच्छा शोधकर्ता तथा यू.पी.इ.एस को बेस्ट मेमोरियल घोषित किया गया। वही इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता के निर्णय लेखन में इशिता दुबे (तीर्थंकर महावीर विश्वविद्यालय, मुरादाबाद), आलेखन लेखन प्रतियोगिता में महिमा (तीर्थंकर महावीर विश्वविद्यालय, मुरादाबाद), तथा कानूनी निबंध लेखन प्रतियोगिता में आयुष (दिल्ली मेट्रोपॉलिटन एजुकेशन, नॉएडा) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
सेमीफइनल एवं फाइनल चरण में सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ इंडिया के वरिष्ठ अधिवक्ता मंजीत दलाल, अधिवक्ता मंजीत सिंह, अधिवक्ता मनीष मोहन, अधिवक्ता सतिंदर कुमार, अधिवक्ता ए.के वशिष्ठ, अधिवक्ता विकास कक्कर ने बतौर न्यायधीश प्रतिभागी टीमों कि दलीलें सुनने के बाद अपना निर्णय दिया। इस दौरान 15वीं राष्ट्रीय युवा संसद के विजेता विद्यार्थीयों को मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथिओं ने पुरस्कृत किया। बी.ए. एलएलबी की छात्रा बरखा जैन को बेस्ट स्पोट्र्स वीमेन तथा बी.ए. एलएलबी के छात्र नीलांश हुड्डा को बेस्ट स्पोट्र्स पर्सन ऑफ़ ईयर के अवार्ड से भी सम्मानित किया गया।
समापन सत्र के अंत में इस मूट कोर्ट प्रतियोगिता के आयोजन सचिव डा. कैलाश कुमार ने आभार प्रदर्शन किया। मंच संचालन डा. अनुपम ने किया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि, अतिथि अधिवक्ताओ समेत सीपीएएस के शिक्षक, गैर शिक्षक कर्मचारी, शोधार्थी, विधि एवं प्रबंधन विभाग के छात्र तथा प्रतिभागी टीमें मौजूद रहीं।
रोहतक, 15 अप्रैल। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के बॉटनी विभाग के विद्यार्थियों का दल शैक्षणिक भ्रमण के लिए उत्तराखंड रवाना हुआ।
विभागाध्यक्ष प्रो. अनिता सहरावत की अगुवाई में विद्यार्थियों का यह दल चार दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण के दौरान उत्तराखंड के मैसूरी, हरिद्वार, ऋषिकेश व देहरादून की विजिट करेगा और वहां की जैव विविधिता के बारे में अध्ययन करेगा। इस विजिट के दौरान उत्तराखंड के इन क्षेत्रों में पाई जाने वाली वनस्पती के बारे में विद्यार्थी व्यावहारिक जानकारी प्राप्त करेंगे। प्रो. अनिता सहरावत ने कहा कि इस विजिट से जहां विद्यार्थियों के ज्ञान में अभिवृद्धि होगी वहीं उनमें फील्ड में जाकर कार्य करने की महत्ता की जानकारी भी मिलेगी।
div dir=”auto”>-


Follow us on facebook
twitter
youtube
dailymotion

(Visited 18 times, 1 visits today)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!